दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को वायु यातायात नियंत्रकों (एटीसी) को ट्यूब प्रक्रिया के माध्यम से सांस परीक्षण की अनुमति दे दी। पहले कोविड-19 महामारी के चलते कोर्ट ने ही इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
हाईकोर्ट ने 23 मार्च के अपने एक अंतरिम आदेश को निलंबित करते हुए सांस विश्लेषक परीक्षण (बीएटी) को लागू करने का निर्देश दे दिया है। इस मामले में दायर की गई पुनर्विचार याचिका की सुनवाई करते हुए वृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति नवीन चावला ने पुराने आदेश को संशोधित करने का आदेश दिया।
साथ ही चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (डीजीएमएस) की मेडिकल रिपोर्ट को लागू करने की अनुमति प्रदान की। डीजीएमएस मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार सांस परीक्षण के लिए एक ट्यूब का उपयोग 12 घंटों में केवल एक व्यक्ति पर ही किया जाएगा।