नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की अरबों रुपये की संपत्ति को हड़पने के आरोप मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित छह की याचिका पर हाईकोर्ट ने भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति वीपी वैश ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को 5 अगस्त तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों व याचिका स्वीकार कर ली जाए।
सोनिया, राहुल, मोतीलाल वोरा, आस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे व यंग इंडिया कंपनी ने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ दायर समन को चुनौती दी है।
स्वामी ने मांगा समय
मामले में सातवें आरोपी सैम पित्रोदा को समन की तामील न होने से उन्होंने अभी याचिका दायर नहीं की है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि निचली अदालत यह समझने में असफल रही है कि पूरा मामला क्या है।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 403 व 406 के तहत बतौर आरोपी समन जारी किए हैं। जबकि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिसके तहत इन धाराओं में अपराध बनता हो।
वहीं, शिकायतकर्ता स्वामी ने अदालत को बताया कि उन्हें याचिका की प्रति बृहस्पतिवार देर शाम मिली है और वे उसे पढ़े बिना पक्ष नहीं रख सकते। अत: उन्हें समय प्रदान किया जाए।
सोनिया ने कहा, 'अभी कुछ नहीं बोलूंगी'
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मसले पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत में चल रहे मामले में वह कुछ नहीं बोलेंगी। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि इस मामले को संसद में उठाकर सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है।
साथ ही पार्टी नेताओं को राजनीतिक साजिश में फंसाए जाने के आरोप को जोर शोर से पेश किया जा सकता है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि लोकसभा में करारी हार के बाद कांग्रेस को बुरे समय से जूझना पड़ रहा है।