फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'रेप पीड़ितों को 24 घंटे में मिले मुआवजा'

Thu, 14 Aug 2014 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि रेप सहित अन्य अपराध पीड़ितों को मुआवजा देने में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। अदालत ने पीड़ितों को 21 अगस्त से 24 घंटे में मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


इसके अलावा सरकार को फटकार लगाते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ठोस तंत्र व धन की कमी नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं अदालत ने सरकार को तीन माह में पीड़ित मुआवजा फंड बनाने का भी निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने सुबह सुनवाई के दौरान सरकार को पीड़ितों के लिए मुआवजा स्कीम बनाने व अन्य नीतियां तय करने के लिए समय प्रदान करने से इनकार करते हुए कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि दिल्ली पीड़ित मुआवजा स्कीम को 2011 में नोटिफाई किया गया था, लेकिन अभी तक पीड़ित मुआवजा फंड नहीं बनाया गया।
विज्ञापन


अदालत ने डीएलएसए व दिल्ली सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया कि तीन से छह माह में इस फंड को बना दिया जाएगा। खंडपीठ के कड़े रवैये के बाद दिल्ली सरकार राजस्व विभाग के अतिरिक्त सचिव दोपहर बाद खंडपीठ के समक्ष पेश हुए।

उन्होंने कहा कि हम एक सप्ताह में एक करोड़ रुपये फंड के लिए जारी कर देंगे, ताकि किसी को भी परेशानी न हो। वहीं, दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि पिछली सुनवाई के बाद 33 रेप पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है और वर्तमान में एक भी पीड़िता का नाम मुआवजे के लिए नहीं है।
 
अदालत ने कहा कि यह दुर्र्भाग्यपूर्ण है कि दो वर्ष पूर्व हुई अधिसूचना के बाद भी फंड नहीं बनाया गया। ऐसा फंड बनाया जाए जहां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय व चैरिटेबल के जरिये कोई पैसे देना चाहे तो फंड में जमा करवा सके। यह प्रक्रिया तीन माह में पूरी कर ली जाए। खंडपीठ ने सरकार को मुआवजे के लिए प्रदान राशि दिल्ली कानूनी सहायता बोर्ड को स्थानांतरित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डीएलएसए इस राशि में से 24 घंटो में पीड़िता को मुआवजा प्रदान करे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें