अदालत ने झगड़े के बाद पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी को गैर इरादतन हत्या के अपराध का दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे हत्या के आरोप से मुक्त करते हुए कहा कि यह आरोप साबित करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं है। यह घटना 14 साल पहले हुई थी।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नवजीत बुद्धिराजा अलमंथा ने कहा कि पीड़िता और उसके पति के बीच झगड़ा हुआ था, जहां पत्नी ने आरोपी पर हमला किया, जिसके बाद उसने उसे चाकू मार दिया। इसलिए कोई पूर्व नियोजित नहीं था। आरोपी पर 16 अगस्त 2009 को अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था।
अदालत ने हत्या के कथित हथियार के बारे में कहा अगर चाकू नाले से बरामद किया गया होता तो खून के धब्बे के निशान मिट गए होते, लेकिन फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कोई सामग्री या संकेत नहीं मिला है।