दिल्ली हाईकोर्ट ने अफगान नागरिक की याचिका खारिज कर पत्नी और दो बच्चों को उसके साथ वापस अफगानिस्तान जाने का निर्देश देने से इंकार कर दिया। उसकी पत्नी व बच्चों ने कहा कि वह उसके साथ रहना नहीं चाहते।
जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विनोद गोयल की खंडपीठ ने इस बात पर भी गौर किया कि याची की पत्नी और बच्चों को शरणार्थी का दर्जा प्राप्त है। उनके शरणार्थी आई कार्ड 12 अप्रैल 2019 तक वैध हैं। कोर्ट ने याची को बच्चों से मुलाकात का निर्देश देने से भी इंकार कर दिया, क्योंकि बच्चों ने पिता से मिलने से इंकार कर दिया था।
याचिका के मुताबिक, याची अपनी पत्नी और दो बेटे के साथ पर्यटक वीजा पर 18 फरवरी 2017 को भारत आए थे। वे दक्षिण दिल्ली के कालकाजी में अपने मित्र के घर पर रह रहे थे। याची की पत्नी 8 मार्च 2017 को बच्चों के साथ पार्क गई, लेकिन वापस नहीं लौटी।
शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों का पता लगा लिया। पत्नी व बच्चों ने याची के साथ रहने से इंकार कर दिया। उसकी पत्नी भारत में शरण ले चुकी थी।