आम आदमी पार्टी का दिल्लीवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने की नीति पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आलोचना की है। कोर्ट ने कहा कि पानी उनको फ्री में दिया जाए जो वाकई में जरूरतमंद हो, बाकि किसी को ऐसे पानी देने की कोई जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब वरिष्ठ वकील और न्याय मित्र राकेश खन्ना ने इस तथ्य की ओर ध्यान आर्कषित किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की बैंच ने कहा, किसी को कुछ भी मुफ्त में नहीं दिया जाना चाहिए।
आप 10 पैसे लो या एक पैसा। कुछ भी मुफ्त नहीं दिया जाना चाहिए, सिवाय उनके जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत हो, जैसे गरीब।