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दिल्ली दंगे में कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- फिर हो सकता है फरार

Tue, 10 Nov 2020 07:10 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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शाहरुख पठान (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने उतर पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान पुलिस हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने वाले आरोपी शाहरुख पठान को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह जिस तरह से फरार हो गया था, उसके मद्देनजर उसके फिर से फरार होने की संभावना है। लिहाजा आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने शाहरुख पठान की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पर बेहद संगीन आरोप है और वारदात को अंजाम देने के बाद दिल्ली से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोचा था।

कोर्ट ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने का अर्थ है कि आरोपी कानून को खिलवाड़ समझता है। इस घटना के संबंध में रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि उसकी प्रवृति ऐसी नहीं है कि उसे राहत दी जा सके।
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शाहरुख पठान ने अपनी मां के इलाज के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग की थी। उसने याचिका में कहा कि उसकी मां की पीठ और रीढ़ की हड्डी में चोट लगने की वजह से उनकी सर्जरी होनी है। इसलिए उसे अपनी मां का ख्याल रखने के लिए अंतरिम जमानत चाहिए।

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कोर्ट ने शाहरुख पठान की याचिका पर संज्ञान लेने के साथ ही गौर किया कि उसके पिता पर भी मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में सजा दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की ओर से दी गई दलीलें राहत देने के लिए नाकाफी हैं। सीएए के विरोध में हुए दंगे में हथियार के साथ शामिल होना साधारण अपराध नहीं है।

वहीं शाहरुख के वकील सुनील मेहता ने दलील दी कि दंगे के दौरान उनका मुवक्किल घटनास्थल से गुजर रहा था, उसी दौरान हुई पत्थरबाजी के दौरान वह एक शेल्टर के नीचे जाकर छिपने लगा, लेकिन वहां उसे जगह नहीं मिली। इसी दौरान भीड़ में से ही किसी अज्ञात शख्स ने उसे पिस्तौल थमा दी, जिसका प्रयोग शाहरुख ने अपनी सुरक्षा के लिए किया।

वहीं विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र कुमार भाटिया ने आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका का यह करते हुए विरोध किया कि वह फिर से फरार हो सकता है और अगर वह फरार हुआ तो मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को मौजपुर-जाफराबाद इलाके में सीएए के विरोध में हुए दंगे में शाहरुख पठान ने खुलेआम पुलिस हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।
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