न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेहता के निधन पर मंगलवार को हाईकोर्ट में शोक व्यक्त किया गया। न्यायमूर्ति मेहता का एक मार्च को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन ने श्रद्धांजलि देने के लिए अदालत में कहा कि न्यायमूर्ति मेहता एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने कभी समझौता नहीं किया। वह दृढ़ स्वभाव के थे।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा- हमने एक निष्ठावान व्यक्ति खोया है, जिनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति मेहता को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस सभा में उच्च न्यायालय के पीठासीन न्यायाधीश, न्यायमूर्ति मेहता के परिवार के सदस्य, वकील, न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर तथा न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह सहित पूर्व न्यायाधीशों ने हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार की अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर आचार्य ने कहा कि न्यायमूर्ति मेहता को भूलना मुश्किल होगा। वह अपने फैसलों के लिए हमेशा जाने जाएंगे। दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि न्यायमूर्ति मेहता अपने आप में एक संस्थान थे। दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष केसी मित्तल ने कहा कि न्यायमूर्ति मेहता युवा वकीलों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं और हमेशा रहेंगे।