हाईकोर्ट ने 500 स्टैंडर्ड फ्लोर बसों की खरीद की अनुमति दे दी है। दिल्ली सरकार व डीटीसी ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह बसें खरीदने का प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि इन इलाकों में सड़कें खराब हैं।
इसके अलावा सरकार ने कहा था कि यह बसें दिव्यांगों के अनुरूप होंगी। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने निपुण मल्होत्रा की दो याचिकाएं खारिज करते हुए बसों में दिव्यांगों के लिए हाईड्रोलिक लिफ्ट लगाने के लिए कहा है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार व डीटीसी ने यह आश्वासन दिया था। दिल्ली सरकार व डीटीसी के लो फ्लोर बसों के बजाय 2000 स्टैंडर्ड फ्लोर बसें खरीदने के प्रस्ताव को निपुण मल्होत्रा ने चुनौती दी थी।
याची का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के 2001 के आदेश के मुताबिक राजधानी के लिए केवल सीएनजी व लो फ्लोर बसें ही खरीदी जा सकती हैं। वहीं स्ट्रैंडर्ड फ्लोर बसें विकलांगों के अनुरूप भी नहीं हैं।