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Delhi High Court Bomb Threat: पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच की शुरू, HC को ईमेल के जरिए मिली थी बम की धमकी

Sat, 13 Sep 2025 07:57 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

शुक्रवार सुबह दिल्ली हाई कोर्ट को धमकी भरा ईमेल मिला। जिसके बाद हाई कोर्ट में तुरंत सुनवाई कर रही बेंच ने कार्यवाही रोक दी। बेंच, वकील और पक्षकार कोर्ट रूम से बाहर निकल आए। मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों की मदद से पूरे परिसर को खंगाला गया, लेकिन कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
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Delhi High Court bomb threat email case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली उच्च न्यायालय को कल 12 सितम्बर को एक ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। बीते साल फरवरी के बाद एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट में बम विस्फोट की फर्जी सूचना से दहशत फैलाने का प्रयास किया गया। दिल्ली एनसीआर में बीते डेढ़ साल से 500 से अधिक प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। हालांकि हर बार इस प्रकार की सूचनाओं को दिल्ली पुलिस ने फर्जी करार दिया।

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शुक्रवार सुबह दिल्ली हाई कोर्ट को भी एक ऐसी ही धमकी भरा ईमेल मिला। ईमेल सुबह 8:39 बजे भेजा गया था जो हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज सहित अन्य अधिकारियों को 10:41 पर प्राप्त हुआ। इसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर और जजों के चैंबर में तीन बम रखे गए हैं, जिन्हें दोपहर 2 बजे तक विस्फोट कर दिया जाएगा।

धमकी भरे ईमेल के बाद हाई कोर्ट में तुरंत सुनवाई कर रही बेंच ने कार्यवाही रोक दी। बेंच, वकील और पक्षकार कोर्ट रूम से बाहर निकल आए। दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, कैट एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान में कोर्ट के हर कोने, पार्किंग, जज चैंबर, रिकॉर्ड रूम, कैंटीन और टॉयलेट तक की बारीकी से जांच की गई। मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों की मदद से पूरे परिसर को खंगाला गया, लेकिन कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इस दौरान कई बेंच वापस सुनवाई पर नहीं बैठी।

ई-मेल में गंभीर धमकियों का दावा
सोशल मीडिया पर मेल की एक सूचना साझा की जा रही थई जिसमें पवित्र शुक्रवार विस्फोटों के लिए पाकिस्तान और तमिलनाडु की मिलीभगत का दावा किया गया। इसमें कहा गया कि कोर्ट रूम और जजों के चैंबर में रखे तीन बम दोपहर 2 बजे तक फट जाएंगे। ईमेल में यह भी उल्लेख था कि जज चैंबर में रखा एक बम इस्लामिक प्रार्थना के बाद विस्फोट करेगा। धमकी को और गंभीर बनाने के लिए इसमें अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं का इस्तेमाल किया गया। ईमेल में डॉ. शाह फैसल नामक व्यक्ति का जिक्र था, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जोड़ा गया। इसके अलावा, 1998 के पटना ब्लास्ट जैसी घटना को दोहराने और कुछ राजनीतिक नेताओं से आंतरिक मदद मिलने का भी दावा किया गया। नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईमेल की जांच की और यह फर्जी पाया गया। इसका हाल के हफ्तों में स्कूलों को मिली बम धमकियों से कोई संबंध नहीं है।
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पूर्व में अदालतों को मिले फर्जी बम के मेल
  • 15 फरवरी 2024- दिल्ली हाईकोर्ट में बम विस्फोट किए जाने की धमकी दी गई। पुलिस द्वारा जांच और निरीक्षण के बाद इसे फर्जी करार दिया गया।
  • 16 अप्रैल 2025- द्वारका जिला अदालत में बम रखे होने की सूचना दी गई। जिसके बाद पूरे अदालत परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
  • 1 मई 2025 दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए बम होने की धमकी या बम ब्लास्ट के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और अन्य पर पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया।
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