दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के संबंध में स्पष्ट नीति बनाने को कहा है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि इस नीति को स्वीकृति के लिए एलजी को जरूर भेजा जाए।
साथ ही कोर्ट ने ऐप आधारित कैब सेवा देने वाली टैक्सियों को हिदायत दी है कि वो मीटर से ही चलें और सरकार द्वारा निर्धारित किराया ही वसूलें। सरकार द्वारा निर्धारित किराए के अलावा उन्हें किसी प्रकार का सरचार्ज वसूल करने का अधिकार नहीं है।
बता दें कि मंगलवार को ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि ऐप आधारित सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट और आदर्श नीति का निर्माण किया जाना चाहिए। इससे न सिर्फ लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि, किराए को लेकर लोगों में फैली भ्रांति भी समाप्त होगी।