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क्या एचआईवी संक्रमित छात्र को कक्षा में आने को किया जा सकता है मजबूर, हाईकोर्ट का डीयू से सवाल

Fri, 06 Dec 2019 04:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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क्या एचआईवी जैसे संक्रमण से ग्रस्त छात्र को कक्षा में आने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह सवाल हाईकोर्ट ने टाईफाइड संक्रमण के कारण कक्षा में अनुपस्थित रहने वाले एलएलबी छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए किया।

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इस छात्र ने याचिका दायर कर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया था। डीयू के मौजूदा नियमों के मुताबिक परीक्षा में बैठने के लिए 75 फीसदी अनुमति होना अनिवार्य है। 

न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा कि उन्हें छात्र से संवेदना है लेकिन वह खंडपीठ के निर्णय के मद्देनजर उसे राहत नहीं दे सकते जिसके मुताबिक पेशेवर कोर्स में परीक्षा देने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है।

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वहीं दूसरी ओर न्यायमूर्ति शकधर ने कहा कि इस तरह के मामलों में विचार करने के लिए डीयू व बार काउंसिल ऑफ इंडिया को मौजूदा नियमों पर विचार करना चाहिए। ऐसे छात्रों को 75 फीसदी हाजिरी के लिए बाध्य करना सही नहीं है।

ऐसे छात्रों के नियमों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। आज तकनीक का जमाना है और कम उपस्थित के मसले को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये या फिर यूट्यूब पर लेक्चर अपलोड कर दूर किया जा सकता है। -एजेंसी
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