केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 10 दिनों में आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अदालत में यह आश्वासन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिया। अदालत में आप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने दलील दी कि केजरीवाल को दिया जाने वाला आवास पहले मिले टाइप-7 या टाइप-8 श्रेणी से कमतर नहीं होना चाहिए।
आवास से असंतोष है तो सरकार से बातचीत करनी होगी
इस पर अदालत ने कहा कि यदि उन्हें आवास से असंतोष है तो सरकार से बातचीत करनी होगी। वहीं, एसजी मेहता ने तंज करते हुए कहा, आम आदमी कभी टाइप-8 के लिए नहीं लड़ता। जिस पर मेहरा ने जवाब दिया कि चुनावी नारों का स्थान अदालत नहीं है।
अदालत ने केंद्र के आश्वासन को दर्ज करते हुए कहा कि इस तरह के आवास से जुड़े विवाद केवल नेताओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी समाधान जरूरी है। साथ ही, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि केजरीवाल आवंटन से असंतुष्ट रहते हैं तो वे सरकार से दोबारा अपील कर सकते हैं।
गौरतलब है कि केजरीवाल ने अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था और फिलहाल वे पार्टी के एक अन्य विधायक के सरकारी मकान में रह रहे हैं।