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Delhi Health Scam: पांच मुखौटों के पीछे छिपा लूट का एक ही चेहरा, 650 करोड़ के घोटाले में हुआ यह खेल; कई खुलासे

Thu, 09 Jul 2026 03:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की प्राथमिकी के अनुसार, रंगीला ने सरकारी खरीद व्यवस्था पर इस कदर पकड़ बना ली थी कि कई अधिकारी उसकी मुखौटा कंपनियों के बिलों को मंजूरी देने तक सीमित रह गए।
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demo - फोटो : फ्री पिक/ अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में कथित 650 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में निजी सप्लायर राजीव रंगीला की भूमिका को लेकर नए खुलासे हुए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की प्राथमिकी के अनुसार, रंगीला ने सरकारी खरीद व्यवस्था पर इस कदर पकड़ बना ली थी कि कई अधिकारी उसकी मुखौटा कंपनियों के बिलों को मंजूरी देने तक सीमित रह गए। मामले का मुख्य आरोपी राजीव रंगीला फरार है और एसीबी की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार छापे मार रही हैं।

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जांच में सामने आया है कि सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली निविदा प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से प्रभावित किया गया। आरोप है कि रंगीला ने दूसरों के नाम पर एफ मेड डिवाइसेज, टेक्नोक्रेट्स, राजश्री, आशी सर्जिकल एंड फार्मास्यूटिकल्स तथा एम साहिब एंड संस समेत पांच कंपनियां खड़ी कर रखी थीं। निविदाओं में यही कंपनियां एक-दूसरे के खिलाफ बोली लगाती थीं, जिससे प्रतिस्पर्धा का आभास होता था, जबकि इन सभी का संचालन कथित रूप से रंगीला ही कर रहा था।

एसीबी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने इन कंपनियों के पास आवश्यक अनुभव और कारोबार नहीं होने के बावजूद इन्हें तकनीकी मूल्यांकन में पात्र घोषित कर दिया। वहीं, कई वास्तविक सप्लायरों को बिना ठोस कारण के बाहर कर दिया गया। 
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जांच में यह भी सामने आया है कि खरीद प्रक्रिया को छिपाने के लिए सरकारी पोर्टल पर भ्रामक जानकारी दर्ज की गई। जिन निविदाओं के तहत सामान की आपूर्ति हो चुकी थी और पूरा भुगतान भी किया जा चुका था, उन्हें पोर्टल पर जानबूझकर सक्रिय या प्रक्रिया में दिखाया जाता रहा। जांच में उपकरणों की खरीद में भारी मूल्यवृद्धि के आरोप भी सामने आए हैं। एसीबी के मुताबिक, करीब 25 लाख रुपये कीमत वाली सी-आर्म मशीन स्वास्थ्य विभाग को लगभग 1.10 करोड़ रुपये में बेची गई।  

तीसरे दिन भी आप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
650 करोड़ रुपये के दवा खरीद घोटाले के विरोध में बुधवार को तीसरे दिन भी जीटीबी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।  पार्टी ने घोषणा की कि बृहस्पतिवार को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्वास्थ्य  संबंधी खरीद में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय  दिल्ली सरकार उसे दबाने की कोशिश कर रही है। 

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