दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडोनेशिया में होने वाले आगामी एशियाई पैरा खेलों के लिए न चुने जाने वाले 10 दिव्यांग टेबल टेनिस खिलाड़ियों के मामले की जांच के लिए युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के सचिव को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में जल्द फैसला लेने को कहा है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विभु भाखरू ने कहा कि भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) से विचार-विमर्श कर मंत्रालय के सचिव द्वारा एक हफ्ते के भीतर फैसला लिया जाए। कोर्ट ने दिव्यांग टेबल टेनिस खिलाड़ियों की याचिका पर यह फैसला लिया है।
अक्तूबर में इंडोनेशिया में एशियाई पैरा खेलों का आयोजन होना है। इन खेलों में शामिल होने के लिए शारीरिक रूप से अशक्त 10 टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने अंतिम सूची में अपने नाम शामिल करने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की। मांग की गई कि सूची में उनके नाम शामिल करने के लिए केंद्र और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को निर्देश दिए जाएं, ताकि खिलाड़ी इन खेलों में अपने सपनों को पूरा कर सकें।
याचिकाकर्ताओं के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दावा किया कि भारतीय टेबल टेनिस संघ ने इन खेलों के लिए टेबल टेनिस खिलाड़ियों के चयन के लिए आठ जुलाई को इंदौर में ट्रायल किया था, जिसमें 10 याचिकाकर्ताओं सहित 19 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चुना गया था, लेकिन चयन के बावजूद अधिकारियों ने मनमाने तरीके से खिलाड़ियों के नाम अंतिम सूची से हटा दिए और छह से 13 अक्तूबर के बीच होने वाले खेलों के लिए केवल पांच खिलाड़ियों का चयन किया।
याचिकाकर्ता खिलाड़ियों की उम्र 14 से 53 वर्ष के बीच है। इनमें रामकृष्णैया श्रीनिवास, संदीप कालरा, सुमित सहगल, जगन्नाथ मुखर्जी, ए. राज अरविंदन, संजीव कुमार हजेरी, डॉ अजय गुब्बी विजया कुमार, पूनम, आर. बेबी सहाना और जसवंतभाई चौधरी शामिल हैं।