दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर का विरोध व दिल्ली मेट्रो के किराए में कटौती की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। इसके साथ ही बिना किसी कारण के याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।