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Delhi: 'एक महीने अस्पताल में करनी होगी सेवा', दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉक्सो मामले के आरोपी को दी अनोखी सजा

Wed, 04 Jun 2025 07:48 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मामला एक नाबालिग स्कूल छात्रा के यौन उत्पीड़न से संबंधित था, जिसमें आरोपी पर शोषण और धमकी देने का आरोप था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पॉक्सो के एक मामले में आरोपी को अनोखी सजा दी है। अदालत एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने एफआईआर रद्द करने का आदेश देते हुए आरोपी को लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में एक महीने तक सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया है। आरोपी को सेना कल्याण कोष युद्ध हताहत में 50 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। 

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मामला एक नाबालिग स्कूल छात्रा के यौन उत्पीड़न से संबंधित था, जिसमें आरोपी पर शोषण और धमकी देने का आरोप था। कोर्ट ने शिकायतकर्ता और उसकी मां के साथ विस्तृत बातचीत के बाद पाया कि उन्होंने इस घटना से आगे बढ़ने का सचेत निर्णय लिया है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बताया कि वह वर्तमान में विवाह की संभावनाएं तलाश रही है और एक आपराधिक मामले का लंबित रहना उनके भविष्य के अवसरों और व्यक्तिगत संबंधों के लिए गंभीर बाधा बन सकता है। उसकी मां ने कहा कि इस तरह की आपराधिक कार्यवाही परिवार के लिए उपयुक्त रिश्ता तलाशने के प्रयासों को कमजोर कर सकती है। 

दोनों पक्षों के बीच एक समझौता पत्र (सेटलमेंट डीड) हुआ, जिसमें शिकायतकर्ता ने स्वेच्छा से विवादों को सुलझाने और एफआईआर रद्द करने की सहमति दी। यह दर्ज किया गया कि शिकायतकर्ता ने न तो कोई मौद्रिक मुआवजा लिया और न ही लेने का इरादा रखती है।
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