दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रियदर्शनी मट्टू बलात्कार और हत्या मामले में दोषी संतोष कुमार सिंह को अपनी एलएलएम परीक्षा लिखने के लिए पैरोल दे दी है। आरोपी संतोष आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। कोर्ट ने उसे मंगलवार को तीन सप्ताह की पैरोल को मंजूरी दे दी। हालांकि कोर्ट ने उसे 25000 रुपये का निजी मुचलका और एक जमानत राशि भी जमा करने को कहा है।
कोर्ट ने कहा कि संतोष कुमार सिंह की परीक्षाएं 24 मई से शुरू होने वाली हैं और दिल्ली सरकार द्वारा उसकी याचिका का विरोध नहीं करने पर उसे 21 मई से जेल से रिहा किया जाएगा।
यह था मामला
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट रहीं प्रियदर्शिनी मट्टू का शव 23 जनवरी, 1996 में दिल्ली स्थित उनके चाचा के घर पर पाया गया था। साल 1999 में निचली अदालत ने उनके कातिल और कॉलेज के सीनियर संतोष कुमार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। लेकिन अक्तूबर, 2006 में दिल्ली हाई कोर्ट ने संतोष कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई थी। लगभग चार साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को उम्रकैद में बदल दिया।