उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के सेंट स्टीफंस कॉलेज में 18 ईसाई छात्रों को प्रवेश दे दिया। अदालत ने कहा कि छात्र मंगलवार से अपनी कक्षाओं में भाग ले सकेंगे। अदालत ने सेंट स्टीफंस की ओर से दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें कॉलेज द्वारा भेजी गई सभी ईसाई छात्रों की सूची को अनुमोदित करने और अपलोड करने के लिए डीयू को निर्देश देने की मांग की गई थी।
अदालत ने कहा कि डीयू ने अपने हलफनामे में पहले ही कहा है कि 19 में से 14 छात्र संबंधित बीए कार्यक्रम के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अदालत का मानना है कि चाहे मुकदमा कुछ या सभी प्रभावित छात्रों द्वारा किया गया हो, कानून की नजर में वे सिर्फ छात्र हैं, जो एक शैक्षणिक संस्थान में अपने लिए भविष्य तलाश रहे हैं। चाहे वे अल्पसंख्यक हों या गैर-अल्पसंख्यक इसका कोई महत्व नहीं है। आखिरकार, वे इस गौरवशाली देश के गौरवशाली नागरिक हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि यह मामला सकारात्मक रूप से समाप्त होता है कि इस मामले के 19 छात्रों में से 18 को अपनी पसंद के सेंट स्टीफंस कॉलेज में प्रवेश मिल गया है। डीयू ने शुरू में सेंट स्टीफंस के ईसाई कोटे के तहत चुने गए 19 छात्रों के प्रवेश का विरोध किया था।
उनका कहना था कि कॉलेज ने सीट मैट्रिक्स का पालन किए बिना और अपनी मर्जी के अनुसार सीटें आवंटित की। कॉलेज ने कहा था कि 19 छात्रों का प्रवेश स्वीकृत प्रवेश के भीतर था और यह अपनी अनुमेय सीमा से अधिक नहीं था।