कड़कड़डूमा कोर्ट ने 31 जुलाई को ताहिर हुसैन और उनके साथ चार अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उन्हें 13 जुलाई को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने पांचों दोषियों ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनास को उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 के दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है। ताहिर हुसैन ने अंकित शर्मा मर्डर केस में अपनी सजा और दोषी ठहराए जाने के फ़ैसले को चुनौती दी है।
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जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन ने अपील को स्वीकार कर लिया और इसे अन्य संबंधित अपीलों के साथ 2 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 31 जुलाई को ताहिर हुसैन और उनके साथ चार अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उन्हें 13 जुलाई को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने पांचों दोषियों ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनास को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। अंकित शर्मा की हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान दयाल पुर इलाके में हुई थी। उनका क्षत-विक्षत शव एक नाले से बरामद हुआ था।
क्या था मामला
वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे। इसी दौरान जब अंकित शर्मा आरोपियों को शांत करने और उनसे कानून हाथ में नहीं लेने का आग्रह कर रहे थे। तभी उन्हें पकड़ लिया गया और उनकी जान लेने के बाद शव नाले में फेंक दिया गया था।
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कौन है ताहिर हुसैन
ताहिर हुसैन ने 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतकर पार्षद बना। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित पौरारा गांव का रहने वाला है। पांच भाइयों में ताहिर सबसे बड़ा है। 2017 के चुनावी हलफनामे में उसने 18 करोड़ की घोषित संपत्ति थी। 2020 के दिल्ली दंगों में ताहिर का नाम आया। दंगों में ताहिर का नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उसे पर्टी से निष्कासित कर दिया।