दिल्ली में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली सरकार ने भी आशंका जताई है कि यहां 31 जुलाई तक साढ़े पांच लाख मामले हो सकते हैं। राजधानी की तुलना अन्य राज्यों से भी की जा रही है। कहा जा रहा है कि यहां के हालात भी महाराष्ट्र जैसे हो सकते हैं, लेकिन टॉप चार राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु के बाद दिल्ली में सबसे कम मृत्युदर है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश में संक्रमण से सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं। दूसरा स्थान तमिलनाडु का है और फिर दिल्ली, लेकिन संक्रमितों की संख्या के लिहाज से मृत्युदर की बात करें तो राजधानी दूसरे स्थान पर है।
यानी, यहां कोरोना से मौत की दर महाराष्ट्र और गुजरात से कम है। यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 38,958 है और 1271 मरीजों की मौत हुई है। यानी, मृत्युदर 3.2 फीसदी है। गुजरात में यह आंकड़ा 6.3 और महाराष्ट्र में 3.7 फीसदी है। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना मृत्युदर 2.9 फीसदी है।
आबादी के लिहाज से राजधानी में ज्यादा मौतें
टॉप तीन राज्यों में जनसंख्या के लिहाज से सबसे ज्यादा मौत दिल्ली में हुई हैं। यहां 2 करोड़ की आबादी पर ही 1271 मौत हुई हैं। यहां प्रति 10 लाख की आबादी पर 63 मरीजों की मौत हुई है। महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 29 और गुजरात में 21 है। राजधानी में पिछले 15 दिनों में मौत के आकंड़े करीब 3 गुना तक बढ़ गए हैं। यहां पिछले दो सप्ताह में 855 लोगों की जान गई है।
टॉप चार राज्यों में मृत्युदर
| राज्य |
कुल संक्रमित |
मौत |
मृत्युदर |
महाराष्ट्र
|
104568 |
3830 |
3.7 |
| तमिलनाडु |
42687 |
397 |
01 |
| दिल्ली |
38958 |
1271 |
3.2 |
| गुजरात |
23038 |
1448 |
6.3 |
(नोट : मृत्युदर फीसदी में है)
आबादी के लिहाज से मौत
| राज्य |
मौत |
आबादी |
प्रति 10 लाख की आबादी पर मौतें |
| महाराष्ट्र |
3830 |
13 करोड़ |
29 |
| दिल्ली |
1271 |
02 करोड़ |
63 |
| गुजरात |
1448 |
07 करोड़ |
21 |
| तमिलनाडु |
397 |
08 करोड़ |
05 |
(नोट : आंकड़े 14 जून तक के हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से लिए गए हैं)