दिल्लीवालों के सामने आज साफ तस्वीर है। लोगों को तय करने में आसानी होगी। केजरीवाल 2015 की तरह दिल्ली में प्रचंड बहुमत से जीत रहे हैं। इसके बाद, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट कर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर मनोज तिवारी को बधाई देता हूं।
दूसरी ओर, पुरी के बयान पर प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी का न इकरार आया और न ही इनकार। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी के सवाल पर तिवारी ने मुस्कुराते हुए कहा कि हम प्रदेशाध्यक्ष हैं।
हमारी जिम्मेदारी है कि हम सरकार बनाकर दें। संजय सिंह के बयान पर तिवारी ने कहा कि आप की बौखलाहट सामने आ गई है। हम दिल्ली चुनाव जीतकर दिखाएंगे। इस बीच, शाम ढलते ही हरदीप सिंह पुरी ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि भाजपा विजय की ओर अग्रसर है।
पार्टी ने अब तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी को नामित नहीं किया है। मनोज तिवारी दिल्ली के अध्यक्ष हैं। पार्टी उनके नेतृत्व में पूरे जोश के साथ काम कर रही है। मेरे बयान का मतलब था कि उनके नेतृत्व में भाजपा भारी मतों से आगामी चुनाव जीतेगी।
पुरी का यह बयान आते ही एक बार फिर संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। ट्वीट करके कहा कि तो इसका मतलब, केजरीवाल के खिलाफ आपके पास कोई नहीं? बिना दूल्हे की बरात?
आपका मुख्यमंत्री उम्मीदवार दो घंटे में ही मैदान छोड़कर भाग गया या भाजपा को उनकी प्रतिभा पर भरोसा नहीं? हालांकि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शाम तक चुप्पी साधे रखी।