दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कई वर्षों से कार्यरत अतिथि अध्यापकों का अनुबंध 28 फरवरी को खत्म हो गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक बेरोजगार हो गए हैं। गुस्साए शिक्षकों ने शुक्रवार के बाद शनिवार को भी उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर प्रदर्शन किया।
अतिथि शिक्षकों की ओर से मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाने की गुहार लगाई है। इस समय दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बोर्ड तथा दूसरी कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही हैं, बावजूद इसके लगभग 25 हजार अतिथि शिक्षकों का अनुबंध खत्म हो गया है।
दिल्ली गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य शोएब राणा ने कहा कि शिक्षकों का अनुबंध समाप्त किए जाने से दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था चरमरा जाएगी और न परीक्षाएं सुचारु रूप से चल पाएंगी।
परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा, जिससे परिणाम पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भी हमारा कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया और न ही कोई अधिकारिक आदेश आया। स्कूल में अब ज्वाइन करेंगे तो हमारी सेवा में अंतराल आ जाएगा।
शिक्षकों ने प्रदर्शन के दौरान सैलरी बढ़ाने व गेस्ट शिक्षकों को पक्का किए जाने की मांग की। शिक्षकों का कहना था कि 18 महीने गुजर जाने के बाद भी गेस्ट टीचर्स को पक्का करने वाले बिल पर कोई सक्रियता नहीं दिखाई दे रही।