नोटबंदी की मार से केवल वो लोग ही परेशान नहीं हैं जिनके पास कैश की कमी है या जिन्हें 1000 और 500 के पुराने नोट बदलने के लिए बैंको की लाइन में खड़ा होना पड़ा था। बल्कि, अब इसका असर राज्य सरकार पर भी दिखने लगा है।
ऐसा ही संकेत दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दे रहे हैं। सिसोदिया ने शनिवार को ट्वीट कर कहा है कि सरकार के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वो अपने कर्मचारियों को सैलरी दे सके।
इस परेशानी की वजह बताते हुए मनीष सिसोदिया कहते हैं कि नोटबंदी के बाद दिल्ली में टैक्स कलेक्शन में इतनी गिरावट आई है कि सरकारी खजाने में पैसों की कमी हो गई और कर्मचारियों को सैलरी देना भी मुश्किल हो गया है।
Tax collection can be 50% low this month as there is no business in Delhi markets. If so, it would b hard to pay salaries of govt employees.
— Manish Sisodia (@msisodia) December 3, 2016