उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को एंटरप्रिन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (ईएमसी) पर समीक्षा बैठक की। इसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सिसोदिया ने निर्देश दिया कि कक्षाओं में बच्चों से संवाद करने के लिए 17,000 उद्यमियों को जोड़ा जाए। बीते साल यह आंकड़ा 4000 का था। इन लोगों ने तीन लाख से ज्यादा बच्चों के साथ बातचीत कर उनको उद्यमिता के लिए प्रेरित किया था।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि हमारी कोशिश 17,000 उद्यमियों का एक पूल बनाने की है, जिससे इनको दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों की हर कक्षा तक पहुंचाया जा सके। 30-40 छात्रों के एक समूह के साथ एक-एक उद्यमी को बातचीत करनी होगी। इससे बेहतर माहौल में बातचीत हो सकेगी और छात्रों को जीवन की हकीकत का अनुभव होगा।
इसके अलावा अप्रैल से जुलाई के बीच 11-12वीं के बच्चों के लिए फील्ड प्रोजेक्ट की योजना तैयार हो रही है। इसमें उनको एक हजार रुपये आर्थिक तौर पर दिए जाएंगे। दूसरी तरफ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे।
इसके मिले-जुले असर से छात्रों में उद्यमिता की भावना भी बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा बच्चों को होगा। वह नौकरी मांगने की जगह रोजगार देने वाले बनेंगे।
नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर सख्त कदम उठाएं : राजेंद्र पाल गौतम
महिला और बाल विकास विभाग का कार्यभार लेने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें मंत्री ने दिल्ली में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने विभाग की तरफ से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा था। राजेंद्र पाल गौतम ने बैठक के दौरान कहा कि गारंटी कार्ड में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। अगले पांच साल में हम राजधानी में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए कार्य करेंगे।