कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बच्चों की पढ़ाई के होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। एक अप्रैल के बाद भी स्कूल बंद रहने पर बच्चे कैसे घर से पढ़ाई जारी रख सकें अब सरकार इसके विकल्प तलाशने में जुट गई है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 26 मार्च को सभी उच्चाधिकारियों, स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षा निदेशालय के शिक्षकों, निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है। इसमें यह तय किया जाएगा कि लंबे समय तक स्कूलों के बंद रहने पर बच्चों की पढ़ाई का होने वाले नुकसान को कम से कम रखने और घर पर पढ़ाई ही जारी रखने के क्या विकल्प हो सकते हैं।
मालूम हो कि कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के निर्देश के अनुसार दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेशों से दिल्ली के सभी स्कूल 31 मार्च 2020 तक बंद किए गए हैं।
इन आदेशों के अनुसार 1 अप्रैल 2020 से स्कूलों में फिर से सामान्य शिक्षण कार्य होना है। अब तक परीक्षाएं होने के कारण बंद स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अगर हालात सामान्य नहीं होते है तो स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं। तब बच्चों को घर से पढ़ाई का विकल्प देने की संभावनाओं पर सरकार विचार कर रही है।