विधानसभा सत्र में सोमवार को दंड प्रक्रिया संहिता (दिल्ली संशोधन) विधेयक, 2015 पर चर्चा हुई। इसमें सत्तापक्ष से कानून की डिग्री धारक विधायक संशोधन की पैरवी में उतरे। चर्चा की शुरुआत मदनलाल ने की।
वहीं नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने संशोधन विधेयक को दिल्ली पुलिस को नियंत्रण में लेने की कड़ी का एक हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार विधायी और कार्यकारी नियंत्रण में पुलिस को लाना चाहती है।
मदनलाल ने कहा कि अभी ऐसे मामलों में चार्जशीट भी मुश्किल से दाखिल होती है, जिसमें पुलिस लिप्त हो। आनंद पर्वत में युवती की शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने पर हत्या, सुनंदा पुष्कर की संदेहास्पद मौत समेत कई मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में संदेहास्पद मौत, दुष्कर्म की वारदात की जांच तीसरे पक्ष से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस कोर्ट में केस को ठीक से नहीं ले जाती।