अधिकारी के मुताबिक, नियमों में उन लोगों को छूट देने का कानूनी प्रावधान है जिनके वाहन सड़कों पर नहीं चल रहे हैं। एक सेवानिवृत्त कर्नल ने परिवहन विभाग को पत्र में लिखा है कि उनका बेटा विदेश में है और उनका वाहन गैराज में है। ऐसे वाहन जो सड़कों पर नहीं चल रहे हैं उनके लिए फिलहाल पीयूसी प्राप्त करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर वाहन बगैर प्रमाण पत्र सड़क पर चलते हुए पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहतकेंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, प्रत्येक मोटर वाहन पीयूसी प्रमाणपत्र का होना आवश्यक है।
पिछले साल जारी किए गए 60 लाख से अधिक प्रमाण पत्र
पिछले साल परिवहन विभाग की ओर से पीयूसी मानदंडों को सख्ती से लागू किया गया। इस दौरान 60 लाख से अधिक वाहनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए। वाहनों का समय-समय पर उनके उत्सर्जन मानकों के लिए परीक्षण किया जाता है। इसके तहत कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड की जांच के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके लिए दिल्ली में 900 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र हैं। पेट्रोल और सीएनजी चालित दो के मामले में प्रदूषण जांच के लिए शुल्क और तिपहिया वाहन 60 रुपये जबकि चौपहिया वाहनों के लिए 80 रुपये और डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये है।