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Delhi: सरकार ने वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए बढ़ाई सख्ती, बगैर प्रमाण पत्र के वाहन लेकर बाहर निकले तो होगी कार्रवाई

Tue, 19 Jul 2022 06:12 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सर्दियों की शुरुआत होने पर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए पहले ही वाहन चालकों को संदेश भेजकर हिदायत दी जा रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : राजन राय
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विस्तार
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दिल्ली में वाहनों से वाले प्रदूषण को कम करने के लिए राज्य सरकार ने बगैर वैध प्रदूषण के वाहन मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जिन वाहनों के प्रमाण पत्र की मियाद खत्म होने के बाद नवीनीकरण ना करवाने वालों पर सख्ती की जा रही है। हालांकि इनमें लंबे समय से घरों, गैराज में रखे वाहनों को फिलहाल नोटिस नहीं भेजे जा रहे हैं। 

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फिलहाल दिल्ली में 13 लाख दोपहिया सहित 17 लाख से अधिक वाहन हैं। इनमें करीब तीन लाख कारें बगैर वैध पीयूसी के चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि करीब 14 लाख वाहन मालिकों को एसएमएस भेजकर उनसे पूछा है कि एक वैध पीयूसी प्राप्त करें और अगर समय पर मानकों को पूरा नहीं करते हैं तो जुर्माना या सजा हो सकती है। सर्दियों की शुरुआत होने पर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए पहले ही वाहन चालकों को संदेश भेजकर हिदायत दी जा रही है। 

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अधिकारी के मुताबिक, नियमों में उन लोगों को छूट देने का कानूनी प्रावधान है जिनके वाहन सड़कों पर नहीं चल रहे हैं। एक सेवानिवृत्त कर्नल ने परिवहन विभाग को पत्र में लिखा है कि उनका बेटा विदेश में है और उनका वाहन गैराज में है। ऐसे वाहन जो सड़कों पर नहीं चल रहे हैं उनके लिए फिलहाल पीयूसी प्राप्त करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर वाहन बगैर प्रमाण पत्र सड़क पर चलते हुए पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहतकेंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, प्रत्येक मोटर वाहन पीयूसी प्रमाणपत्र का होना आवश्यक है।

पिछले साल जारी किए गए 60 लाख से अधिक प्रमाण पत्र
पिछले साल परिवहन विभाग की ओर से पीयूसी मानदंडों को सख्ती से लागू किया गया। इस दौरान 60 लाख से अधिक वाहनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए। वाहनों का समय-समय पर उनके उत्सर्जन मानकों के लिए परीक्षण किया जाता है। इसके तहत कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड की जांच के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके लिए दिल्ली में 900 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र हैं। पेट्रोल और सीएनजी चालित दो के मामले में प्रदूषण जांच के लिए शुल्क और तिपहिया वाहन 60 रुपये जबकि चौपहिया वाहनों के लिए 80 रुपये और डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये है। 
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