आम आदमी पार्टी सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़े रोडमैप पर काम कर रही है।कार या दोपहिया छोड़कर लोग बसों में आएं, इसके लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) परिवार को रियायती पास देने के अलावा महिला, 21 साल से अधिक उम्र के छात्र को भी सिर्फ मासिक 250 रुपये में ऑल रूट पास देने की तैयारी है।
जो डीटीसी और क्लस्टर बसों में चलेगा। हालांकि, जो रियायती या निशुल्क श्रेणी में कवर नहीं होते, उन्हें एक हजार रुपये में मासिक पास मिलेगा।
परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन के निर्देश पर नई पास नीति के प्रस्ताव पर विभागों की अंतिम राय की प्रक्रिया चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, रियायती पास के अलावा सरकार अक्सर बिना टिकट चलने की शिकायत वाली दिल्ली पुलिस समेत सभी तरह के वर्दीधारक फोर्स, होमगार्ड व सिविल डिफेंस, विकलांग, विधवा व वरिष्ठ नागरिकों को बसों में फ्री यात्रा देने की तैयारी में है। साथ ही 0-3 साल की बजाय 0-5 साल तक के बच्चे और 21 साल तक के छात्रों को भी किराया नहीं चुकाना होगा।
प्रस्ताव को अंजाम तक पहुंचाना नहीं होगा आसान
सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव में कहा गया है कि बीपीएल, अंत्योदय कार्ड धारक, खाद्य सुरक्षा कार्ड धारकों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में रियायती पास लेने के लिए कार्ड का प्रमाण दिखाना होगा। वहीं बाकी ऐसे सभी व्यक्ति ईडब्ल्यूएस श्रेणी का रियायती पास बनवा सकेंगे, जिनके परिवार की मासिक आय 20 हजार रुपये से कम होगी।
दिल्ली सरकार के एक महीने के लिए डीटीसी किराये में 75 फीसदी तक कमी के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की आपत्ति और फिर उपराज्यपाल की तरफ से मंजूरी नहीं दिए जाने को आधार माने तो नए प्रस्ताव को अंजाम तक पहुंचाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।
प्रस्ताव में जिस तरह से 19 लाख खाद्य सुरक्षा कार्ड धारक, महिला और 21 साल से अधिक उम्र के छात्रों को रियायती, वर्दीधारक, पत्रकार, विधवा, विकलांग और वरिष्ठ नागरिकों व 21 साल तक के छात्रों को फ्री सफर की तैयारी है, उससे डीटीसी का ना सिर्फ घाटा बढ़ने बल्कि कानून व्यवस्था की दिक्कत भी सामने आ सकती है। ऐसे में यह आशंका है कि वित्त विभाग इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति करे।