राजधानी में ऑटो किराया बढ़ोतरी को लेकर चालकों और यात्रियों में हो रहे टकराव के लिए ऑटो यूनियनें दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। किराया बढ़ोतरी को लेकर ऑटो चालकों ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं पिछले कई महीनों से लटकी ऑटो किराया वृद्धि लागू नहीं हुई, तो विधानसभा चुनाव में ऑटो चालक आम आदमी पार्टी का बहिष्कार करेंगे।
दिल्ली ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी का कहना है कि दिल्ली सरकार ने चुनाव से पहले ऑटो किराया बढ़ोतरी का सर्कुलर जारी किया था, लेकिन उसके बावजूद अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 12 जून को दिल्ली परिवहन मंत्री ने ट्वीट करके ऑटो किराया वृद्धि के वादे को पूरा करने का दावा किया। ऑटो किराये में की गई वृद्धि के चार्ट को भी ट्वीट संदेश में दिखाया गया, जबकि हकीकत में सरकार ने किराया वृद्धि को धरातल पर लागू ही नहीं किया।
परिवहन मंत्री के ट्वीट संदेश के आधार पर मीडिया में प्रकाशित हुई खबरों के आधार पर ऑटो चालकों ने यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया वसूलना शुरू किया, लेकिन बढ़े किराये के मुद्दे पर यात्रियों और चालकों के बीच टकराव हो गया। इस बीच 13 जून को बेहद कम यात्रियों ने ऑटो रिक्शा में सफर किया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान उन्हें पता लगा कि ऑटो किराया वृद्धि के नोटिफिकेशन को जारी तो किया गया, लेकिन मंत्री द्वारा उसे लागू नहीं किया गया, जिसके चलते ऑटो चालकों और यात्रियों में टकराव हुआ।
‘जब दिल्ली सरकार का है परिवहन विभाग तो देरी क्यों’
वहीं भारतीय मजदूर संघ के तहत काम करने वाले ऑटो संगठनों का आरोप है कि सरकार अब किराया वृद्धि को लागू करने के लिए अथॉरिटी की अनुमति की बात कह रही है, लेकिन परिवहन विभाग भी जब दिल्ली सरकार का है तो किराया वृद्धि को किस आधार पर रोका जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि दिल्ली सरकार किराया वृद्धि के मुद्दे को लेकर अपना वोट बैंक तैयार करना चाहती है, लेकिन ऐसी स्थिति में अगर किराया वृद्धि को महज दिखावा बनाया गया तो ऑटो चालक यूनियनें विधानसभा चुनाव में दिल्ली सरकार का विरोध करेंगी। उनका कहना है कि ऑटो चालक अब किराया बढ़ोतरी लागू होने में ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते।