विपक्षी पार्टियां बेशक पेट्रोल व डीजल पर दिल्ली सरकार से वैट कम करने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सरकार ने वैट कम करने से इंकार कर दिया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि पहले से घाटे में चल रही दिल्ली सरकार वैट कम करने की हालत में नहीं है। दिल्ली सरकार ने पेट्रोल व डीजल को सस्ता करने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र पर डाली है।
सिसोदिया ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद से पेट्रोल व डीजल की कीमत 10 रुपये तक बढ़ा दी गई है। लेकिन बीते दिनों सिर्फ 1.50 रुपये की कमी की है। यही नहीं, कीमत कम करने के बाद से दो बार फिर पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही घाटे में है। ऐसे में वैट में कमी नहीं की जा सकती।
सिसोदिया के मुताबिक, राज्यों ने पहले ही जीएसटी में अपने सारे अधिकार यह मानकर सरेंडर किए थे कि केंद्र सरकार राज्य के हितों का ध्यान रखेगी। अब केंद्र कह रही है कि जो उसने 10 रुपये पहले बढ़ाया था, वह तो हमारा है। इसकी एवज में वह डेढ़ रुपये पेट्रोल व डीजल सस्ता कर रहे हैं। राज्य अपने पास से ढाई रुपये का वैट कम कर दे। उन्होंने कहा कि इस तरह राज्य सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। पहले से घाटे में चल रही सरकार इसका बोझ नहीं उठा सकती।