हर घर बिजली और पानी
आगामी वित्तीय वर्ष में दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली हर इमारत की छत पर सोलर प्लांट होंगे। दिल्ली सरकार हरित ऊर्जा का लक्ष्य 2027 तक 4500 मेगावाट है। यह कुल बिजली आपूर्ति का 25% है। इसके लिए सभी सरकारी इमारतों की छत पर सौर संयंत्र लगेंगे। पावर सेक्टर के लिए 3,353 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव है। वहीं, हर घर के लिए पानी और सीवरेज सुविधाओं का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए 7,195 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राजधानी के गांवों का विकास
गांवों में सड़क ढांचा विकसित करने के लिए सरकार 2024-25 में दिल्ली के 360 से ज्यादा गांवों में करीब 1000 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाएगी। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 900 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है।
रोजगार : बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, इस साल सभी विश्वविद्यालयों में बिजनेस ब्लास्टर्स सीनियर लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत सरकार स्टार्ट-अप में 15 करोड़ रुपये निवेश करेगी।
बढ़ेगा ई-बसों का बेड़ा, 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया
दिल्ली सरकार ई-बसों का बेड़ा बढ़ाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ में मेट्रो विस्तार पर भी 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ सरकार इस साल छह नए फ्लाईओवर तैयार कर लेगी। सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए 1,768 करोड़ रुपये व परिवहन पर 5,702 करोड़ का खर्च का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि सड़क व परिवहन व्यवस्था के बेहतर होने से पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा।
स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता
सरकार बजट में स्थानीय निकायों को कुल 8,423 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें से 3,153 करोड़ रुपये शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता के लिए होंगे। 2,955 करोड़ रुपये बेसिक टैक्स असाइनमेंट (बीटीए) के रूप में दिए जाएंगे और स्टांप एवं पंजीकरण शुल्क तथा एकमुश्त पार्किंग शुल्क के रूप में 2,315 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
आप का शासन राम राज्य से प्रेरित है, लिहाजा बजट में हर क्षेत्र व तबके के लोगों का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया शायद विश्व का सबसे बड़ा कदम है। योजना लोकसभा चुनाव के बाद लागू की जाएगी। इससे 45 से 50 लाख महिलाओं को फायदा होगा। -अरविंद केजरीवाल, सीएम, दिल्ली
बजट झूठी घोषणाओं का कागजी पुलिंदा है। राममंदिर का विरोध करने वालों को अब भगवान श्रीराम की याद आ रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की श्रीराम से तुलना आपत्तिजनक है। 2022 में भी रोजगार बजट पेश किया गया था, लेकिन एक व्यक्ति को भी रोजगार नहीं मिला। -रामवीर सिंह बिधूड़ी, नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक