दिल्ली में अगले माह तक कोरोना संक्रमितों की संख्या लाखों में पहुंचने की आशंका के चलते दिल्ली सरकार ने मंगलवार को 22 निजी अस्पतालों को दो हजार और बेड बढ़ाने का आदेश दिए है। एक ही दिन में स्वास्थ्य विभाग ने तीन अलग अलग आदेश देते हुए अस्पतालों से जल्द से जल्द कोविड प्रबंधन पर काम करने के लिए कहा है।
अस्पतालों में कोविड मरीजों को बिस्तर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार ने 24 मई को आदेश देते हुए 50 बिस्तरों से अधिक क्षमता के 117 नर्सिंग होम व अस्पतालों में 20 फीसदी बिस्तर कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं। इन्हीं में से अब 22 अस्पतालों में व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बाद बिस्तरों की संख्या को बढ़ाया है। इन अस्पतालों में अपोलो, बत्रा, फोर्टिस, मैक्स, बीएलके जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
22 अस्पताल में कुल बिस्तरों की संख्या 7323 है। पुराने आदेश के तहत इन अस्पतालों में 1441 बिस्तर आरक्षित थे लेकिन अब नए आदेश के बाद बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 3456 कर दी गई है। यानी 2015 बिस्तरों को बढ़ा दिया है। हाल ही में तैनात स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव विक्रम देव दत्त ने अस्पतालों के निदेशक से तत्काल नए आदेश के तहत व्यवस्थाएं करने के लिए कहा है।
एक अन्य आदेश में दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को बाहर एक बोर्ड लगाने के लिए कहा है जिसमें कितने बेड भरे कितने खाली इत्यादि की जानकारी के अलावा शिकायत के लिए 1031 पर संपर्क करने सलाह दी जाएगी। साथ ही बिस्तरों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए लोगों से दिल्ली कोरोना मोबाइल एप और दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट पर भी संपर्क करने की सलाह दी जाएगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने तीसरा आदेश जारी करते हुए अस्पतालों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर डीजीएचएस योजना के तहत किसी भी लाभार्थी को भर्ती करने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस योजना के तहत जो अस्पताल सरकार के पैनल में हैं वहां लाभार्थी को कोरोना या संदिग्ध होने के चलते भर्ती किया जा सकता है।