दिल्ली में डॉक्टर सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा ऑफर दिया है। रिटायर्ड डॉक्टर को एक लाख तो नर्स को प्रति माह 40 हजार रुपये का वेतन देने के लिए सरकार तैयार है। सरकार ने चौथी बार डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को भर्ती करने के लिए नियुक्ति आदेश जारी किया है। इससे पहले 27 और 29 अप्रैल को भी इस तरह के आदेश जारी किए थे।
हालांकि अभी तक पर्याप्त संख्या में स्टाफ नहीं मिल पाया है। कोरोना महामारी के बीच दिल्ली में संक्रमण दर और नए मामलों में कमी देखने को मिल रही है लेकिन अस्पतालों के हालात अभी बहुत अधिक सुधरे नहीं है। आईसीयू और वेंटिलेटर यानि गंभीर चिकित्सीय निगरानी के लिए स्टाफ की कमी पड़ रही है। अलग अलग हिस्सों में बनाए कोविड सेंटर के लिए सरकार को स्टाफ नहीं मिल पा रहा।
इसका खुलासा रविवार को अमर उजाला ने किया। साथ ही बताया कि अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पहले से ही काफी बोझ है। हाल ही में जीटीबी और लोकनायक अस्पताल के पास बने आईसीयू कोविड सेंटर, इंदिरा गांधी अस्पताल में 250 बिस्तर इत्यादि शुरू करने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों की आवश्यकता है। सरकार ने अपने अस्पताल, सैन्य सेवा और प्राइवेट अस्पतालों से रिटायर्ड विशेषज्ञ डॉक्टर को प्रति माह 1.40 लाख रुपये का वेतन देने का फैसला लिया है।
जबकि सलाहकार के लिए 1.20 लाख, दांत या आयुष डॉक्टर को एक लाख रुपये वेतन देंगे। इनके अलावा नर्स या जीएनएम को 40 हजार और एमटीएस कर्मचारियों को 20250 रुपये का वेतन ऑफर किया है। ठीक इसी तरह दिन या शिफ्ट वार देखें तो विशेषज्ञ को आठ हजार और सलाहकार को छह हजार रुपये देने का फैसला लिया है। इंटर्न, चिकित्सीय छात्र, दांत या आयुष चिकित्सा के छात्र को चार हजार रुपये रोजाना मिलेंगे। नर्सिंग छात्रों को एक दिन का 810 और नर्स को 2 हजार रुपये दिए जाएंगें। इतना ही नहीं सरकार ने जल्द से जल्द नियुक्ति के लिए इतनी तक छूट दी है कि कोई भी आवेदक सीधे तौर पर अस्पताल के निदेशक या चिकित्सीय अधीक्षक को भी ईमेल के जरिए अपनी जानकारी भेज सकता है।