दिल्ली सरकार ने सभी विभागीय प्रमुखों और सचिवों को निर्देश दिया है कि ठेके पर काम करने वाले लोगों को न्यूनतम वेतन दिलाना सुनिश्चित करें। साथ ही हर महीने की सात तारीख तक सभी को वेतन मिल जाए।
इसका उल्लंघन करने वाले विभाग प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने सभी विभागों के लिए इस बारे में सकुर्लर भी जारी कर दिया है। अधिकारी बताते हैं कि इसका फायदा दिल्ली सरकार के लिए सीधे तौर पर ठेके पर काम करने वाले कर्मियों के साथ ठेके के जरिये सरकार को सेवाएं देने वालों को भी मिलेगा।
इससे पहले, दिल्ली कैबिनेट ने भी इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अनुसार, विभागीय प्रमुख व सचिव पर जिम्मेदारी होगी कि ठेके पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले। संबंधित विभाग प्रमुख महीने की 20 तारीख तक मुख्य सचिव को एक प्रमाण पत्र देगा कि उनके विभाग में ठेके पर काम करने वाले सभी कर्मियों को वेतन मिल गया है।
वहीं, इसी तरह की रिपोर्ट महीने की 22 तारीख तक मुख्यमंत्री को भेजेंगे। सरकार के सर्कुलर में कहा गया है कि ठेकेदार के पास 1,000 से कम कर्मचारी हैं तो हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। 1,000 से ज्यादा कर्मचारी होने पर महीने की 10 तारीख तक सभी कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। दिल्ली सरकार का सख्त आदेश है कि जो विभाग प्रमुख ऐसा कराने में नाकाम होगा, उसकी जानकारी विजलेंस विभाग को दी जाए। विजलेंस विभाग इस पर कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछताछ करेगा।