दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक दिल्ली के कुल वाहनों में ई-वाहनों की संख्या लगभग एक चौथाई कर दी जाए। लेकिन विशेषज्ञों की समिति ने बताया है कि पर्याप्त चार्जिंग स्टेशनों के न होने के कारण ई-वाहन अपेक्षाकृत सफल नहीं हो पा रहे हैं। इसी बात को मद्देनजर सरकार ने दिल्ली में जगह-जगह ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ऐसी जगहों को चिन्हित करने पर जोर दिया, जहां ऐसे चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकें।
इस संदर्भ में पहली बैठक 17 सितंबर को की गई थी। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ई-चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के कार्य में नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही है। इसके अलावा कई अन्य एजेंसियां इस कार्य में उसका सहयोग कर रही हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड शामिल हैं।
बैठक के बाद परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली में कई एजेंसियों के पास जमीन उपलब्ध है जहां पर ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकते हैं। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों की मदद ली जा सकती है। परिवहन मंत्री ने कहा कि अगर हम लोगों को चार्जिंग की चिंता से मुक्त कर सकें, तो राजधानी में ई-वाहनों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। इससे राजधानी के लोगों को स्वच्छ वातावरण दिया जा सकेगा।