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दिल्ली में गरीब परिवारों को बड़ी सौगात: अब मिलेंगे बड़े घर, सरकार ने EWS फ्लैटों के कमरों का बढ़ाया आकार

Thu, 16 Jul 2026 03:53 PM IST
Akash Dubey आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली

सार

भलस्वा के 7400 फ्लैटों में चार से पांच वर्गमीटर कारपेट एरिया बढ़ाया गया। अब पहले से ज्यादा जगह में परिवार रह सकेंगे। मुख्यमंत्री के अंतिम निरीक्षण के बाद चरणबद्ध आवंटन शुरू होगा। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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रेखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक आवास देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भलस्वा स्थित 7400 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के कमरों का आकार बढ़ा दिया गया है, जिससे लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बड़े और सुविधाजनक घर मिलेंगे। 

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पुराने फ्लैटों के डिजाइन में बदलाव कर उनका कारपेट एरिया चार से पांच वर्गमीटर तक बढ़ाया गया है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बृहस्पतिवार को परियोजना का निरीक्षण करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अंतिम दौरे के बाद पात्र झुग्गी परिवारों को इन फ्लैटों का चरणबद्ध आवंटन शुरू किया जाएगा।

चार से पांच वर्गमीटर बढ़ाया गया कारपेट एरिया
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने भलस्वा स्थित ईडब्ल्यूएस आवास परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ फ्लैटों के कमरों, फर्श और नए निर्माण कार्य का जायजा लिया। मंत्री ने बताया कि पहले से बने फ्लैटों का स्वरूप बदलकर उन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया कम से कम चार से पांच वर्गमीटर तक बढ़ाया गया है, ताकि परिवारों को रहने के लिए पहले से अधिक जगह मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि ऐसा घर देना है जिसमें गरीब परिवार सम्मान और सुविधा के साथ रह सकें।

वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों के लिए राहत
दिल्ली की अनेक झुग्गी बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार लंबे समय से स्थायी आवास मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भलस्वा में तैयार 7400 ईडब्ल्यूएस फ्लैट भी काफी समय से आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने की राह देख रहे हैं। अब सरकार का कहना है कि परियोजना अंतिम चरण में है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही आसपास की झुग्गियों में रहने वाले पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से इन फ्लैटों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे में वर्षों से अपने नाम पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह परियोजना नई उम्मीद लेकर आई है।

मुख्यमंत्री करेंगी अंतिम निरीक्षण
मंत्री ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता परियोजना का संयुक्त निरीक्षण करेंगी। उनके सुझावों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री और संबंधित अधिकारियों से अंतिम सहमति ली जाएगी। इसके बाद आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी ताकि पात्र परिवारों को बिना किसी परेशानी के मकान मिल सके।

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों के अनुरूप बदलाव
आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पुराने बने फ्लैटों को प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। पहले से तैयार ढांचे का बेहतर उपयोग करते हुए कमरों का विस्तार किया गया है। इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग भी होगा और लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर आवास मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री की गारंटी को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

जहां झुग्गी, वहां मकान को मिलेगी गति
दिल्ली में झुग्गीवासियों के पुनर्वास का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। सरकार इस परियोजना को जहां झुग्गी, वहां मकान के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। मंत्री ने कहा कि अब लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर लोगों तक उनका लाभ पहुंचाया जाएगा। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर परियोजना को वर्षों तक लंबित रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जिम्मेदारी टालने का दौर समाप्त हो चुका है और सरकार परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
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हजारों परिवारों की नजर अब आवंटन पर
भलस्वा की यह परियोजना केवल 7400 फ्लैटों का निर्माण नहीं, बल्कि हजारों गरीब परिवारों की जिंदगी बदलने की उम्मीद से जुड़ी है। जिन लोगों ने वर्षों तक झुग्गियों में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया है, उनके लिए बड़ा और बेहतर घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत है। अब सबकी निगाह मुख्यमंत्री के प्रस्तावित निरीक्षण और उसके बाद शुरू होने वाली आवंटन प्रक्रिया पर टिकी है। यदि सरकार तय समय में फ्लैटों का वितरण शुरू कर देती है तो यह दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है।
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