जस्टिस उषा मेहरा कमेटी ने सिफारिश की थी कि दुष्कर्म पीड़िताओं को जल्द इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली के हर राजस्व जिले में वन स्टॉप सेंटर बनाए जाएं। दुष्कर्म पीड़िता को एक छत के नीचे कानूनी और चिकित्सा से संबंधित सभी सुविधाएं दी जानी हैं। सेंटर पर इंस्पेक्टर स्तर का पुलिस अधिकारी, महिला मनोचिकित्सक, प्रशिक्षित मेडिकल एक्सपर्ट, नर्स, फोरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। वहीं, पीड़िता के 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को बुलाया जाता है।