दिल्ली सरकार ने बदलते जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई है। जलवायु परिवर्तन को लेकर समीक्षा बैठक में सभी विभाग के अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन पर क्षेत्रवार कार्य योजना की समीक्षा की। साथ ही ग्रीन दिल्ली सुनिश्चित करने पर सभी स्थानीय निकायों को जोर देने को कहा गया।
बैठक में ऊर्जा और बिजली की खपत के प्रतिकूल प्रभाव को नियंत्रित करने, रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर के लिए स्टार रेटेड उपकरणों को बढ़ावा देने, औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन बिल्डिंग निर्माण, पारंपरिक लाइटिंग की जगह एलईडी लाइटिंग पर जोर देने को कहा गया।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यमुना का कायाकल्प, पानी का पुर्नचक्रीकरण, अपशिष्ट जल को शुद्घ करने की सिफारिश की गई।
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बैठक में बढ़ते जीवाश्म ईंधन, ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में वृद्धि पर चर्चा हुई। चर्चा में ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2), मीथेन (सीएच 4) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एन2ओ) के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जाहिर की गई।
यह माना गया कि इन गैसों में वृद्धि के कारण सूर्य की गर्मी बढ़ रही है। यही तत्व ग्रीनहाउस प्रभाव को कम नहीं होने दे रहा है। जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन हुआ है। इसका प्रभाव मनुष्य के साथ ही पशु और पौधे के जीवन को प्रभावित कर रहा है। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र पर इसका असर पड़ रहा है।
बैठक आईआईटी कानपुर के अध्ययन रिपोर्ट पर चर्चा की गई। बैठक में बैठक में पर्यावरण और वन विभाग, शहरी विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, विद्युत विभाग, उद्योग विभाग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य निदेशालय, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, दिल्ली पार्क एंड गार्डन सोसाइटी, दिल्ली विकास प्राधिकरण, एनडीएमसी, एमसीडी, दिल्ली छावनी बोर्ड, दिल्ली पुलिस, यातायात पुलिस समेत कई विभाग के अधिकारी शामिल हुए।