विधायकों को इलाके में विकास कार्य कराने के लिए अब फंड की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को विधायक निधि ढाई गुना बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब विधायक अपने इलाके के विकास कार्य पर 4 करोड़ रुपये सालाना की जगह 10 करोड़ रुपये खर्च करने के हकदार होंगे।
दिल्ली विधानसभा परिसर में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधायकों की लंबे वक्त से स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए फंड) बढ़ाने की मांग को पूरा कर दिया है। विधायक निधि को मौजूदा चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का फैसला लिया गया है।
सिसोदिया ने कहा कि विकेंद्रित विकास की दिशा में यह ठोस पहल है। पूरे देश में पहली बार किसी राज्य में विधायक निधि इतनी ज्यादा होगी। अब विधायक 10 करोड़ रुपये तक खर्च करके विकास कार्य करवा सकेगा। सिसोदिया ने कहा कि फैसला इसी साल से लागू हो जाएगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन की होगी। विधायक पूरा फंड अपनी मर्जी से खर्च कर सकेगा।