सविता ने बताया कि शव उसकी बहन की बेटी का है। विधवा बहन पटना बिहार में रहती है। उसकी बेटी दिल्ली में रहकर पढ़ रही थी। किशोरी ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की थी। घटना के बाद से सविता का पति फरार था।
सविता से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 23 अक्तूबर को वह भीख मांगने घर से निकली थी। शाम को वापस लौटी तो उसकी भांजी घर पर नहीं थी। पति से पूछा तो उसने बताया कि भांजी गाजियाबाद के अनाथ आश्रम चली गई है। इसके बाद वह अगले दिन भीख मांगने निकल गई। सविता ने बताया कि रात को वापस लौटी तो उसके घर पर ताला लगा हुआ था। वह रिश्तेदार के यहां सो गई।
अगले दिन दुर्गंध आने पर उसे भी भांजी की हत्या का पता चला। पुलिस को सविता पर कुछ शक हुआ। सविता को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ जारी रही। पुलिस ने वकील पोद्दार की तलाश शुरू कर दी। वकील की लोकेशन हैदराबाद और बिहार की मिली।
पुलिस ने दो अलग-अलग टीमें बिहार और हैदराबाद रवाना की। बाद में शनिवार को वकील को बिहार के मधेपुरा स्थित बस स्टैंड से दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली।
पुलिस की पूछताछ के दौरान वकील ने बताया कि वह रिक्शा चलाता है और उसकी पत्नी सविता भीख मांगती है। 28 सितंबर को उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। यह बात उसकी पत्नी को पता चली तो पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ।
सविता ने भांजी को गांव वापस भेजने की कोशिश की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने की बात कर किशोरी ने मना कर दिया। वकील किशोरी पर बुरी नजर रखने लगा। परेशान होकर खुद सविता ने किशोरी की हत्या करने की बात की।
23 अक्तूबर को वकील ने सोते समय किशोरी के साथ पहले दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर बाद में उसकी रॉड से हत्या कर दी। इस बीच सविता गेट पर खड़ी रही। बाद में दोनों शव को बेड में डालकर कमरे में गिरे खून को धो दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया।
समय बीतने के बाद सविता ने पति को फरार होने के लिए कहा। अगले दिन वकील फरार हो गया। भेद खुलने पर सविता पुलिस को गुमराह कर झूठी कहानी सुनाने लगी। लेकिन पुलिस की जांच के बाद पूरी वारदात से पर्दा उठ गया।