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Delhi: मासूम से दुष्कर्म और हत्या में गाजियाबाद पुलिस और अस्पताल संवेदनहीन, कड़ी फटकार के साथ कमिश्नर तलब

Sat, 11 Apr 2026 04:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस आयुक्त और एसएचओ को मामले के रिकॉर्ड के साथ 13 अप्रैल को तलब किया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मामले में एसआईटी या किसी केंद्रीय एजेंसी की ओर से अदालत की निगरानी में तय समय में जांच की जरूरत है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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चार साल की मासूम के दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच में संवेदनहीन रवैये पर सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही, पुलिस आयुक्त और एसएचओ को मामले के रिकॉर्ड के साथ 13 अप्रैल को तलब किया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मामले में एसआईटी या किसी केंद्रीय एजेंसी की ओर से अदालत की निगरानी में तय समय में जांच की जरूरत है। 

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मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची व जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने पीड़िता के दिहाड़ी मजदूर पिता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन हरिहरण की दलीलों का संज्ञान लिया।

उन्होंने पीठ को बताया कि बच्ची के साथ क्रूरता की गई, उसके शरीर पर किसी भारी चीज से चोट पहुंचाई गई। इसके बावजूद एफआईआर एक दिन बाद दर्ज की गई और शुरुआत में मामले को सिर्फ हत्या के रूप में देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वारदात के बाद बच्ची को दो निजी अस्पतालों ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया, जबकि वह उस समय जिंदा थी। 
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वीडियो सबूत देखकर अंतरात्मा चीख पड़ी...
सबसे चौंकाने वाला पहलू है कि यह अपराध दो निजी अस्पतालों के साथ स्थानीय पुलिस की पूर्ण उदासीनता और संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है। 16 मार्च को वारदात के बाद एफआईआर अगले दिन दर्ज की गई। 
-जस्टिस सूर्यकांत, सीजेआई 

पीठ ने कहा- पुलिस ने पीड़ित परिवार की मदद के बजाय मारपीट व दुर्व्यवहार किया। चुप रहने के लिए दबाव डाला। एफआईआर में पॉक्सो भी नहीं जोड़ा गया था। बाद में अपराध की गंभीरता को समझते हुए आरोपी को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया। 

निजी अस्पतालों को नोटिस वरिष्ठ वकील हरिहरण ने पीठ को बताया कि मासूम को बाद में गाजियाबाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा, वीडियो सबूत देखकर मेरी अंतरात्मा चीख पड़ी। उन्होंने न्यायिक हस्तक्षेप का आग्रह किया। पीठ ने निजी अस्पतालों खजान सिंह मानवी हेल्थकेयर और सेंट जोसफ (मरियम) अस्पताल को भी नोटिस जारी किया। 

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