शाम के करीब पौने चार बज रहे थे, द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन के नीचे वाहन चालकों की खासी भीड़ थी। इसी दौरान अचानक तेज ब्रेक लगने की आवाज आई और काले रंग की कार से तीन बदमाश उतरे। उन्होंने सफेद रंग की कार को ओवरटेक कर रुकवाया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज सुनकर राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बदमाशों ने सफेद कार की चालक सीट पर बैठे बदमाश पर दर्जन भर गोलियां दागी।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोग छुपकर इसका वीडियो भी बनाने लगे। इस दौरान एक बदमाश गोली लगने से सड़क पर गिरता हुआ दिखाई दिया। इस बीच एक बदमाश ने अपने घायल साथी को उठाने का प्रयास किया लेकिन उसे मरा समझकर वहीं छोड़ा और उसकी पिस्टल लेकर कार में बैठ गए। गोली चलाने वाले बदमाशों में से एक ने हेलमेट भी लगाया हुआ था। माना जा रहा कि यह बदमाश बाइक पर पीछा करते हुए मौके पर पहुंचा था, जो घटनास्थल पर अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया। इधर, वारदात के बाद एक-एक कर करीब आधा दर्जन पीसीआर वैन मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को अस्पताल भेजने के अलावा क्राइम टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल की फोटो कराने के बाद मौके से पकड़ी गई कार को बिंदापुर थाने भेज दिया गया। पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वारदात की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। मंजीत महल और प्रदीप सोलंकी गुट के बदमाशों की जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। मामले की छानबीन के लिए पूरे जिले की दर्जन भर टीमों के अलावा अपराध शाखा व स्पेशल सेल को भी जांच के लिए लगा दिया गया है।