पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नाम लिखा उनका पत्र चर्चा का विषय बना है। इस खत में दीक्षित ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को कटघरे में खड़ा किया है। हालांकि इस पत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है।
पार्टी नेता दबी जुबान में इसकी चर्चा कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 19 जुलाई को दीक्षित ने खुद सोनिया गांधी को मिलकर यह पत्र सौंपा था। शीला दीक्षित के निधन के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है।
दीक्षित गुट के नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी के नाम लिखे पत्र में शीला दीक्षित ने प्रदेश कांग्रेस के वर्तमान हालात को बयां किया है। पत्र में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको का भी जिक्र है।
किस नेता के इशारे पर वे सियासी टकराव को हवा दे रहे हैं, इस बारे में जानकारी दी गई है। प्रदेश नेतृत्व के फैसले में कैसे अड़ंगा डाला जा रहा है, इसे भी पत्र के माध्यम से बताया गया है।