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Delhi Fire: कालकाजी में बैंक्वेट हॉल के तंदूर से लगी भीषण आग, चार सिलिंडर फटे; बुजुर्ग महिला को बचाया गया

Mon, 15 Jun 2026 01:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

शुरुआती जांच में आग का कारण बैंक्वेट हॉल के तंदूर को बताया जा रहा है, जिसे रात में जलती अवस्था में छोड़ दिया गया था।
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देशबंधु गुप्ता कॉलेज के समीप स्थित एक रेस्तरां जारा बैंक्वेट में रविवार तड़के भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों द्वारा एक महिला सीता देवी को बचाया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। शुरुआती जांच में आग का कारण बैंक्वेट हॉल के तंदूर को बताया जा रहा है, जिसे रात में जलती अवस्था में छोड़ दिया गया था। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई और पीछे स्थित एक आवासीय मकान का हिस्सा भी प्रभावित हुआ। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।

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दमकल विभाग के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र अटवाल के अनुसार, रविवार तड़के करीब 4:45 बजे कृष्णा मार्केट स्थित एच-ब्लॉक की एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही नजदीकी फायर स्टेशन से चार दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में अतिरिक्त गाड़ियां और ब्रांटो स्काई लिफ्ट भी मंगाई गई। करीब 180 वर्ग गज क्षेत्रफल में बनी इस इमारत में बेसमेंट के अलावा ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलें थीं। बेसमेंट में गोदाम था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर दुकानें, रेस्टोरेंट, जिम और जारा बैंक्वेट हॉल संचालित किया जा रहा था। बैंक्वेट हॉल का कुछ हिस्सा छत पर भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर के एक किनारे पर बैंक्वेट हॉल संचालक ने तंदूर लगाया हुआ था। उसके आसपास व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर और अन्य सामान रखा गया था। तंदूर को ढकने के लिए कपड़े के पर्दे लगाए गए थे। आशंका है कि रात में तंदूर पूरी तरह बंद नहीं किया गया, जिससे तड़के पहले पर्दों में आग लगी और फिर आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक संकेत लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी
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सिलिंडरों में धमाके से भयावह हुए हालात
आग लगने के दौरान वहां रखे चार व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर एक के बाद एक फट गए, जिससे हालात भयावह हो गए। दमकल विभाग को घटनास्थल से छह अन्य जले सिलिंडर भी मिले हैं। आग बुझाने के लिए करीब एक घंटे तक अभियान चलाया गया और सुबह 5:55 बजे आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद कई घंटे तक कूलिंग और सर्च ऑपरेशन जारी रहा।

70 वर्षीय सीता देवी को निकालने के लिए दमकल वाहन को इमारत के बेहद करीब ले जाया गया
आग की लपटों ने पीछे स्थित एक आवासीय इमारत के सामने वाले हिस्से को भी प्रभावित किया। इस मकान में 70 वर्षीय सीता देवी अपने परिवार के साथ रहती हैं। आग लगने पर सबसे पहले छत पर सो रहे नौकरों की नींद खुली, जिन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को सतर्क किया। परिवार के अधिकांश सदस्य पीछे की बालकनी के रास्ते सुरक्षित नीचे उतर गए, लेकिन बीमार और बुजुर्ग सीता देवी पहली मंजिल पर फंस गईं।

परिवार और स्थानीय लोगों ने सीढ़ी के सहारे उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं के कारण यह संभव नहीं हो सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकलकर्मियों ने विशेष बचाव अभियान चलाया। सीता देवी को एक कुर्सी से सुरक्षित बांधा गया और दमकल वाहन को इमारत के बिल्कुल पास खड़ा कर उन्हें पहली मंजिल से नीचे उतारा गया। सफल रेस्क्यू के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और दमकलकर्मियों का आभार जताया।

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