इसके अलावा पार्टी नेता आशुतोष ने पूरे घटनाक्रम का जातीय रंग देने की भी कोशिश की। आशुतोष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री आवास पर 11 विधायक मौजूद थे।
लेकिन दलित विधायक प्रकाश जरवाल और मुसलिम विधायक अमानतुल्लाह को ही क्यों गिरफ्तार किया गया। आशुतोष के मुताबिक, मुख्य सचिव न तो प्रकाश जरवाल के खिलाफ सबूत पेश कर पाए हैं और न ही अमानतुल्लाह खान के खिलाफ।
इसके बावजूद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह पार्टी की छवि धूमिल करने की कोशिश है।