फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली चुनाव: पार्टी की बजाय अपने प्रत्याशियों की जीत की नेताओं को फिक्र

Tue, 28 Jan 2020 10:43 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विज्ञापन

कोई अपनी बेटी तो कोई पत्नी के लिए चुनाव प्रचार में जुटा है। एक तरफ जहां भाजपा और आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक धुआंधार प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं वहीं, कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों में से एक भी चुनावी मैदान में नहीं उतरा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के ऊपर कई अहम जिम्मेदारी हैं। बावजूद इसके, वह अपनों के समर्थन में प्रचार अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अब तक कांग्रेस का घोषणा पत्र भी जारी नहीं हुआ है। इसलिए पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने रिश्तेदारों के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाने में कोशिश में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के बजाय खुद या अपनों के समर्थन में वोट मांगने का असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ सकता है।

विज्ञापन

  
पांच नेताओं के पुत्र-पुत्री और पत्नी हैं कांग्रेस प्रत्याशी
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की पुत्री शिवानी चोपड़ा कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से भाग्य आजमा रही हैं, जबकि आरकेपुरम विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री की पुत्री प्रियंका सिंह, मॉडल टाउन से पूर्व एमएलए कुंवर करण सिंह की पुत्री आकांक्षा ओला, मुस्तफाबाद के पूर्व विधायक हसन अहमद के पुत्र अली मेंहदी के अलावा कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद संगम विहार क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। अपनों के प्रचार अभियान में सभी राजनेता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। 

दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि किसी नेता के बच्चे में यदि योग्यता है तो उन्हें भी राजनीति में उतरने का बराबर का हक है। उनमें राजनीतिक समझ हैं और जीत की उम्मीद भी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें