राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में इस बार का चुनाव कई नए समीकरण और संभावनाएं लेकर आया है। इस तरह विधानसभा चुनाव की सरगर्मी शुरू होने के बीच राजनीतिक गलियारों में उम्मीदवारों की स्थिति और उनकी जीत-हार का गणित चर्चा का विषय बनने लगा है। चुनाव में कई नेता इतिहास रचने और अपने पुराने रिकॉर्ड को मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। दरअसल दो उम्मीदवार छठी और चार उम्मीदवार पांचवीं बार विधायक बनने के लिए मतदाताओं को पूरा साधने में लगे, वहीं हैट्रिक बनाने वाले केजरीवाल समेत 17 विधायक जीत का चौका मारने के प्रयास में लगे है। जबकि 14 विधायक हैट्रिक बनाने के लिए पसीना बहा रहे है।
राजधानी के राजनीति के दिग्गजों में प्रमुख पूर्व मंत्री हारून यूसुफ और विधायक मोहन सिंह बिष्ट छठी बार विधायक बनने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। हारून यूसुफ के नाम लगातार पांच बार विधायक बनने का रिकॉर्ड भी है। जबकि चार बार विधायक बनने के बाद हार का सामना कर चुके पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली व राजकुमार चौहान और पूर्व विधायक जयकिशन व मुकेश शर्मा इस बार फिर से विधानसभा में वापसी करने की कोशिश में हैं।
हैट्रिक बनाने के बाद अब जीत का चौका मारने का प्रयास
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत 17 मौजूदा विधायक लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने के लिए मैदान में हैं। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, राखी बिड़लान व सोमनाथ भारती, विधायक ओमप्रकाश शर्मा, संजीव झा, बंदना कुमारी, अखिलेश पति त्रिपाठी, सोमदत्त, विशेष रवि, जरनैल सिंह, महेंद्र यादव, अजय दत्त जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी नेता अपनी सीट बचाने के लिए जनता के बीच लगातार सक्रिय हैं। वहीं चौथी बार विधायक बनने की दौड़ में पूर्व विधायक कुलवंत राणा, सुरेंद्र कुमार, कुंवर करण सिंह, कृष्णा तीरथ, तरविंद्र सिंह मारवाह, ब्रह्मसिंह तंवर, वीर सिंह धींगान और भीष्म शर्मा शामिल हैं। इनमें से कई नेता पहले एक से तीन बार चुनाव हार चुके हैं, लेकिन इस बार अपने चुनाव क्षेत्र में मतदाताओं का विश्वास जीतने की कोशिश में हैं।
14 विधायक जीत की हैट्रिक बनाने की कोशिश में
14 विधायक हैट्रिक बनाने की दौड़ में शामिल हैं। इनमें मंत्री गोपाल राय, रघुविंद्र शौकीन व इमरान हुसैन, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत, विधायक करतार सिंह तंवर, अजेश यादव, महेंद्र यादव, राजेश गुप्ता, शिव चरण गोयल, प्रमिला टोकस, सही राम, अमानतुल्ला और कुलदीप कुमार जैसे प्रमुख नाम हैं। वहीं विधायक बनने के लिए तीसरी बार प्रयास कर रहे नेताओं की संख्या भी कम नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक सुरेंद्रपाल सिंह, अनिल झा, मनोज शौकीन, अनिल भारद्वाज और मनजिंद्र सिंह सिरसा, प्रद्युम्न राजपूत, रामसिंह नेताजी जैसे नेता इस सूची में शामिल हैं। इनमें से कई नेता पहले चुनावों में हार का स्वाद चख चुके हैं और इस बार जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
इकबाल बने हैं सबसे अधिक बार विधायक
राजधानी की राजनीति में शोएब इकबाल का नाम सबसे अधिक बार विधायक बनने के लिए दर्ज है। उन्होंने छह बार विधानसभा चुनाव जीते हैं और केवल एक बार हार का सामना किया। शोएब इकबाल विभिन्न दलों के टिकट पर चुनाव लड़कर यह रिकॉर्ड बनाया है। वह इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे है।