पता बदलने की वजह से मतदाताओं की उंगली पर स्याही नहीं लगी। वोटर सूची में तो नाम था, मगर शिफ्टेड (पता बदलना) लिखा होने के कारण काफी लोग मतदान नहीं कर पाए।
वोटर सूची में तो नाम था, मगर शिफ्टेड (पता बदलना) लिखा होने के कारण काफी लोग मतदान नहीं कर पाए। ऐसे में लोकतंत्र को बनाए रखने में भागीदार नहीं बनने पर यह लोग मायूस दिखे। ऐसे लोग एक पोलिंग स्टेशन से दूसरे तक दिनभर भटकते रहे।
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प्रशांत खानपुर के एफ ब्लॉक में पत्नी रेखा के साथ रहते हैं। वह प्राइवेट जॉब करते हैं, जबकि पत्नी रेखा लोदी कॉलोनी स्थित एक स्कूल में कन्नड़ शिक्षिका हैं। प्रशांत देवली रोड पर स्थित पोलिंग स्टेशन में पत्नी के साथ वोट डालने पहुंचे थे।
प्रशांत ने बताया कि यहां उन्हें पता लगा कि वोटर लिस्ट में उनका नाम तो है, मगर उन्होंने घर बदल लिया था, इस कारण वह मतदान नहीं कर सकते। ऐसे में प्रशांत ने कहा कि अब उसे उसके ऑफिस में परेशानी हो जाएगी।
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ऑफिस ने उन्हें मतदान करने के लिए छुट्टी दी थी, मगर जब ऑफिस में स्याही लगी उंगली नहीं दिखा पाएगा तो बॉस नाराज होंगे। इसी तरह की समस्या खानपुर के कृष्णा नगर में रहने वाले इंद्रजीत की भी रही।
उन्होंने बताया कि लोकसभा व दिल्ली नगर चुनावों में मतदान किया था। इस बार वोटर लिस्ट में नाम तो है, मगर पता बदलने के कारण मतदान नहीं कर सका। नेबसराय स्थित कोएड सरकारी स्कूल (एसी-46) में वोट डालने पहुंचीं वृद्धा आभा गुप्ता के साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले वह बेटे के साथ रहती थीं, अब वह दूसरी जगह चली गईं। उनका पता बदल गया तो वह मतदान नहीं कर सकीं।
एक नाम की दो महिलाओं से हुआ भ्रम, कर दी पीसीआर कॉल
सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र में एक महिला ने उसका वोट पहले से ही डाले जाने की पीसीआर कॉल कर दी। महिला हंगामा भी करने लगी। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मोहिनी उर्फ मुन्नी देवी (26) नामक महिला के आरोपों की पुलिस ने जांच की।
पीठासीन अधिकारी ने पड़ताल की। जांच हुई तो पाया गया कि एक ही पते पर मुन्नी देवी नाम से दो महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल थे। 60 साल की मुन्नी देवी इसी मकान में किराये पर रह रही थीं। जांच के बाद पता चला कि मोहिनी उर्फ मुन्नी देवी ने वोट नहीं डाला था। बाद में पीठासीन अधिकारी ने मोहिनी का वोट डलवा दिया।
फॉर्म-18 भरना चाहिए
चुनाव आयोग के पोलिंग बूथों पर तैनात अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग के लोग घर-घर गए थे, जिनका पता लगा कि उन्होंने घर बदल लिया है तो उन्हें शिफ्टेड की सूची में डाल दिया गया। ऐसे लोगों को फॉर्म-18 भरना चाहिए। जिन लोगों ने फॉर्म-18 नहीं भरा, वह मतदान नहीं कर पाए।