विधानसभा के चुनावों में पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार सबसे कम वर्तमान विधायक चुनाव लड़ रहे है। इस मामले में वर्ष 1998 का रिकार्ड टूट गया है। इस चुनाव में 48 विधायक दंगल में कूदे है, जबकि 1998 में 49 विधायकों ने चुनाव लड़ा था। वर्ष 2013 में सबसे अधिक विधायक चुनाव लड़े थे। उस समय 67 विधायकों ने चुनावी समर में अपना भाग्य आजमाया था। इतनी बड़ी संख्या में विधायकों के चुनाव लड़ने का रिकार्ड अभी तक कायम है।
दिल्ली में सबसे कम विधायकों का चुनाव लड़ने का रिकार्ड इस बार टूटने के पीछे आम आदमी पार्टी की ओर से बड़ी संख्या में अपने विधायकों के टिकट काटना रहा है। वर्ष 2020 में उसके 62 विधायक चुने गए थे और इस चुनाव में उसने 36 विधायकों को ही टिकट दिया है। उसके तीन विधायक भाजपा और दो विधायक कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है, जबकि एक विधायक निर्दलीय के तौर पर चुनावी दंगल में कूदा है। वहीं भाजपा ने भी अपने एक विधायक का टिकट काटा है और उसका एक विधायक सांसद चुना जा चुका है। इस तरह आप के तीन विधायकों समेत उसके टिकट पर नौ विधायक चुनाव लड़ है। कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं था, लेकिन आप छोड़कर आए दो विधायक उसके टिकट पर चुनाव लड़ रहे है।
विधानसभा चुनाव में विधायकों की संख्या का इतिहास
वर्ष 1993 में चुने गए 70 विधायकों में से 49 विधायकों ने वर्ष 1998 में चुनाव में पुन: भाग्य अजमाया था। इन 49 विधायकों में से केवल 29 विधायक ही चुनाव जीते पाए थे। वहीं वर्ष 2003 के चुनाव में 58 विधायक चुनावी दंगल में कूदे और उनमें से 46 विधायक ही जीतने में सफल हुए थे। वर्ष 2008 में हुए चुनाव में विधायकों के चुनाव लड़ने के आंकड़े में एक बार फिर इजाफा हुआ। इस चुनाव में 62 विधायक चुनाव लड़े और उनमें से 49 विधायक जीते थे। वर्ष 2013 में रिकार्ड 67 विधायक चुनाव लड़े और इन विधायकों में से 21 विधायक जीतने में सफल हुए थे। वर्ष 2015 में 62 विधायकों ने चुनाव लड़ा था और 22 विधायक ही जीत सके थे। जबकि वर्ष 2020 में 52 विधायकों ने चुनावी दंगल में किस्मत आजमाई और उनमें से 45 विधायक जीतने में सफल हुए। लिहाजा इस बार चुनाव लड़ रहे 48 विधायक लड़ रहे है और देखने वाली बात यह है कि उनमें से कितने जीतने में कामयाब होते है।
पूर्व विधायकों ने भी ताल ठोकी
विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक भी ताल ठोंक हुए है। इस बार चुनाव में 38 पूर्व विधायक भी भाग्य आजमा रहे है। इनमें दो ऐसे नेता है जो विधायक बनने के बाद सांसद चुने गए थे, मगर इस बार वह चुनाव लड़ रहे है। वर्ष 2020 में 37 पूर्व विधायक और 2015 में 43 पूर्व विधायकों ने किस्मत आजमाई थी। जबकि 2013 में 10 पूर्व विधायक और वर्ष 2008 में 14 पूर्व विधायक चुनावी दंगल में कूदे थे। जबकि वर्ष 2003 में 12 पूर्व चुनाव लड़े थे।